Gantantra Aur Rashtrvaad (‘Bharat mein loktantr’ shrinkhala kee pahli pustak) गणतन्त्र और राष्ट्रवाद (‘भारत में लोकतंत्र’ श्रृंखला की पहली पुस्तक)

200 170
Language Hindi
Binding Paperback
Pages 112
ISBN-10 8196191634
ISBN-13 978-8196191634
Book Dimensions 5.5" x 8.5"
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Category:
Author: Ram Niwas Bairwa

यह दृष्टिकोण इतिहास को व्यक्तियों और राजाओं की कहानियों के रूप में देखने के कारण है। जबकि मानव समाज उससे कई हजारों-लाखों वर्षों से भारत में विद्यमान मानव समाज, जो कि अन्ततः ईसा से हजारों वर्षों पहले गणों से आगे जनपदों और महा-जनपदों में विकसित होकर साम्राज्य की ओर अग्रसर हो रहा था; बिना अपने किसी पिछले इतिहास के ऐसा नहीं हो सकता। अतः इतिहास वह नहीं होता जिसमें राजाओं और राज्यों के उत्थान-पतन के किस्से-कहानियां होती हैं, बल्कि इतिहास वह होता है जिसमें मानव समाज के विकास, उसमें उपजे अन्तर्द्वंद और उसके परिणामस्वरूप होने वाले परिवर्तनों का लेखा जोखा हो।

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