Krantidoot (क्रांतिदूत)

300 255
Language Hindi
Binding Paperback
Pages 144
ISBN-10 936210234X
ISBN-13 978-9362102348
Book Dimensions 5.5" x 8.5"
Edition 1st
Publishing Year 2024
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Author: Mukesh Choudhary

सर्व अंतर्यामी स्वयं प्रकाश सचेतन, सृष्टि के प्राणी मात्र में समान रूप से रम रहा रमैया सतगुरु की असीम अनुकंपात्मक पारख दृष्टि गोचर आत्म ज्ञान विश्वास अंतर्गत यह निर्विवाद सत्य प्रतीत होता है, हो रहा है और रहेगा, कि वर्तमान भारत अतीत काल में जम्बूदीप आर्यावर्त नाम से जाना जाता था के पूर्व में विश्व विख्यात द्रविड़ देश था। जो ज्ञान, विज्ञान, उत्पादन, कला उद्योग में अद्वतीय था, द्रविड़ के पतन के बाद पुरोहितों ने समय काल का मापदंड बनाया – पाषाण काल, वेदकाल, पौराणिक काल इत्यादि। अब एतिहासिक काल के खोजी मानवों ने सत्य को उजागर करना शुरू कर दिया।

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